हॉकी के विश्व कप में भारत के साथ अन्याय हो रहा है। भारत के लिए गोल करने वाले शिवेन्द्र को इस जुर्म की सजा मिली जिसने वह किया ही नहीं। शिवेन्द्र को इस बात की सजा मिली जिसके लिए किसी ने शिकायत नहीं की। साफ लगता है कि आस्टलिया के रेफरी ने अपने देश की मैच को देखते हुए ऐसा किया है। सभी इसका विरोध कर रहे है। भारत सरकार को इसपर पहल करनी चाहिए। आखिरकार यह भारत के खिलाड़ियों के हौसले तोड़ने की साजीश ही तो है। हॉकी के खिलाड़ी इसकी वजह से तनावग्रस्त है। मेजवान भारत के साथ ऐसा करके लिए रेफरी ने जता दिया कि भारत के हॉकी से सभी डरते है।
बिलकुल सही कहा आपने. आज सारी दुनिया भारत के मेधा और कौशल से भयभीत है .उसे पीछे धकेलने और हतोत्साहित करने हेतु हर हथकंडा अपनाया जा रहा है.......
प्रत्युत्तर देंहटाएंशिवेन्द्र के साथ हुए अत्याचार से मैं आपसे सहमत हूँ अरूण पर पहले मैच में भारत कोई बहुत अच्छा नहीं खेला अभी भी गोल करने के बाद डिफेंसिव हो जाने की पुरानी आदत बरकरार है। हम तो अभी भी कहते हैं कि ड्रिब्लिंग और स्टिक वर्क के मामले में पाकिस्तानियों का कोइ जबाव नहीं........."
प्रत्युत्तर देंहटाएंप्रणव सक्सैना
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