20 मार्च 2013

ढाई आखर प्रेम का पढ़ै सो पंडित होय....


बरबीघा मिशनरी चर्च में स्थापित माता मरियम की इस प्रतिमा को स्कूली बच्चों ने देवी दुर्गा की चुनरी एवं रूद्राछ की माला पहना दिया। हम अपने धर्म को लेकर चाहे जितना आडम्बर करें पर आम आदमी का धर्म तो प्रेम ही है। चाहे वह किसी भी धर्म के प्रति हो। जिस दिन हम यह समझ जाएगें पृथ्वी ही स्वर्ग हो जाएगी।



5 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर प्रस्तुति!
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    धरा स्वर्ग हो जायेगी, जब बरसेगा प्यार।
    ढाई आखर प्रेम का, बहुत बड़ी उपहार।।
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    आपकी पोस्ट की चर्चा आज चर्चा मंच पर भी है।
    सादर... सूचनार्थ!
    http://charchamanch.blogspot.in/2013/03/1189.html

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  2. बच्चे तो भगवन के रूप होते हैं,वे धर्म के ढकोसलों से परें है.

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  3. बच्चों की बात -बड़ों के लिए मिसाल !

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