11 अप्रैल 2010

पुरूष की जगह महिला तो महिला की जगह पुरूष की लगायी तस्वीर, मतदाता सूची बनाने वाली संस्था कर रही है जानबुझ कर परेशान, बीएलओ परेशान, गांव में जाने से डर रहे बीएलओ।

बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन का पूरा महकमा कई बैठकें आयोजित कर फोटो मतदाता सूची सुधारने को लेकर परिश्रम करते है और बच्चों की शिक्षा वाधित कर इस काम को मुकम्मल करने की कवायद होती है पर लगातार दो तीन सालों में सुधार की इस प्रक्रिया में सुधार होता ही नही। आलम यह कि जिस गलती को सुधारने के लिए सारी कवायद की जाती है और महीनों परिश्रम किया जाता है सुधार के बाद जिला प्रशासन के द्वारा जारी फोटो मतदाता सूची वही गलती रह जाती है और ऐसा किसी तकनीकि गलती की वजह से नहीं रहती बल्कि जिसके द्वारा इस कार्य को अंजाम दिया जाता है वह जानबूझ का गलती को सुधारना ही नहीं चाहता। ऐसा इसलिए कि निविदा के आधार पर चलने वाले इस काम को यदि सुधार कर ठीक कर दिया जाएगा तो फिर उनका काम बन्द हो जाएगा। निविदा पर काम करने वाले की इस मानसिकता की वजह से ही लगातार तीन बार मतदाता फोटो सूचि सुधारने का काम किया गया है पर नतीजा शिफर ही रहा। निर्वाचन आयोग के द्वारा चलाए जा रहे फोटो युक्त सूची बनानेके इस अभियान को निवाद पर काम करने वालों के द्वारा टांय टांय फिस्स कर दिया जा रहा है। इतना ही नहीं इसको लेकर ंशुक्रवार को हुए मतदाता सूची सुधारने की बैठक में शिक्षकों ने अपना रोष जताया। सुधार कर जो सूची जिला के द्वारा जारी किया गया उसमें किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया है। महिला के नाम की जगह पुरूष का तस्वीर तथा पुरूष के नाम की जगह महिला की तस्वीर चस्पा कर दिया गया है। इतना ही नहीं एक ही तस्वीर को 12 नामों के जगह लगा दिया गया। बहरहाल यह कवायद एक बार फिर से चलाया जा रहा है पर बीएलओं को इस आर लोगो के गुस्सों को झेलना पर रहा है पर इसका आसर कुछ नहीं दिखता।






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