06 दिसंबर 2010
बाबा साहेब का दिवाना- जूता पॉलीस कर गरीबों की करता है मदद।
जज्बा हो तो मजबूरियां बाधा नहीं होती है और ऐसी ही कर दिखाया है विकलंाग विनोद दास ने। बाबा साहेब का दिवाना विनोद दास बंजारों की जिंदगी जीता है। रहने को घर नहीं सोने को विस्तर नहीं अपना खुदा है रखबाला। विनोद दास रेलवे पलेटफॉर्म पर सोता है और जो मिल जाय वही खा लेता है।
विनोद दास पर उसकी जज्बा यह है कि गरीबों को ठंढ से बचाने के लिए आज बाबा साहेब की जयंती के अवसर पर कंबल बांटे। विनोद दास को कान से सुनाई नहीं देता है पर वह गरीबो की सेवा में हमेशा तत्पर रहता है और भिक्षाटन कर पैसे जमा करता रहा है और गरीबों की मदद करता है। बाबा साहेब का दिवाना विनोद दास उनकी प्रतिमा को साफ सुथर रखने के लिए हमेशा प्रयास करता रहता है।
विनोद दास गरीबों की सेवा का जज्बा अपने अंदर रखते है और जब पैसे की कमी हो जाती है तब वे दिल्ली जा कर जुता पॉलीस करते है और पैसे जमा कर गरीबों के बीच कभी कंबल तो कभी किताब का वितरण करते है।
आज इसी सिलसिले में संविधान निर्माता डा0 भीमराव अम्बेदकर की 54वीं निर्वाण दिवस मनाया गया। इस मौके पर चॉदनी चौक स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर षेखपुरा पुलिस मेंस एसोशिएशनन के अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर मार्ल्यापण कर पर निर्वाण दिवस मनाया। निर्वाण दिवस के अवसर पर ड0 बी.आर. अम्बेदकर सामाजिक न्याय अधिकारिता दलित युवा परिषद के अध्यक्ष विनोद कुमार दास के द्वारा बाबा साहेब के निर्वाण दिवस के अवसर पर 22 निःसहाय गरीबों के बीच कम्बल का वितरण किया।
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