चढ़ावा चोरी का सर्वाधिकार सुरक्षित है...
मंदिर में चढ़ावा चोरी की चर्चा गांव चौपाल में चर्चित है। गांव चौपाल में किसिम किसिम के लोग आते हैं। मसूदन बा पुराने पार्टी के खांटी समर्थक हैं। अब 10 साल से कोई उनको बोलते नहीं देता था।
जब भी सरकार की कमी निकालते, सब उनको उल्लू धुत्तू करके लोलिया देता।
अब मंदिर में चढ़ावा चोरी हुई तो मसूदन बा को मौका मिल गया। चौपाल में वे सीधा कट्टर भगत माहो दा पर धावा बोल दिए।
"की हो महेंद्र , देख लेलहीं ने तोर धर्मात्मा पार्टी के हाल की हउ.. ई तो भगवानों के घर में चोरी कर लेलको ...?"
माहो दा बेचारे चुप हो गए । पहले जब भी कोई आरोप लगता , वे पुरानी सरकार और उनके नेताओं के भ्रष्टाचार, व्यक्तिगत जीवन की कुंडली निकाल कर रख देते ..!
अब मसूदन बा रोज हल्ला करने लगे..। आज khe काका आ गए। मसूदन बा ने बात छेड़ी ..।
"बताहो तो आजकल लोग भगवानों के चढ़ावा चोरी कर ले हो ..! कलजुग हो, कलजुग..!
खेलावन काका ऐसे भड़के जैसे किसी ने बिगड़ैल कुत्ते को ढेला मार दिया हो...!
"आयां हो मसूदन ... , तों तो आय तक एगो चमन्नी नै देल्हीं हैं, उल्टे तों तो भगवान के मानवे नै करों हीं त तोड़ा कहा ले उल्टी हो रहलो हैं..!"
मंदिर हम्मर ! चढ़ावा हम्मर। चोरी करे वाला हम्मर अप्पन..! तोर बाउजी के की
मसूदन बाबू खुश हुए तीर निशाने पर लगा है
तब बोर्ड लगवा दो हो सूचना मंदिर में दिए गए चढ़ावा को चोरी करने का सर्वाधिक कार्य सुरक्षित है कृपया बाहरी लोग इसमें हस्तक्षेप ना करें धन्यवाद...!
(नोट: यह एक व्यंग्य रचना है)
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