21 जनवरी 2010

समय एक सांप है

मैं समय हुं
लोगों ने मेरी तुलना
सांप से कर दी
वस्तुत:
ठीक ही किया
क्योकि
मेरे पास भी है कई विर्षले दान्त
मेरी विषग्रन्थी में भी भरा रहता है
`सांघातिक विष´
मैं भी डंस सकता हूं
पलटकर
मैं भी उतारता हूं अपनी केचुली
परन्तु
कोई मेरे फण को कुचल नहीं सकता
और
मैं डंस सकता हूं
सांप को भी।

1 टिप्पणी:

  1. मैं भी उतारता हूं अपनी केचुली
    परन्तु
    कोई मेरे फण को कुचल नहीं सकता

    bahut achche se satay bataya hai
    samay se bada dasne wala saanp koi nahi

    जवाब देंहटाएं

Featured Post

मेला, बेटी और रोटी